रिवार्ड्स फॉर जस्टिस हसन इज-अल-दीन, दिसे अहमद गरबाया और समीर सलवान के नाम से भी जानते हैं, से संबंधित सूचना देने पर $5 मिलियन केतक के इनाम की पेशकश कर रहा है। इज-अल-दीन हिजबल्लाह का कथित सदस्य हगै, जिसकी तलाश 1985 में टीडबल्यूए फ्लाइट 847 के अपहरण में भूमिका के लिए की जा रही है।
14 जून 1985 को एथेंस से रोम के लिए उड़ान भरते समय टीडबल्यूए फ्लाइट 847 का आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया। 17 दिन बाद विमान को 153 यात्रियों और क्रू के सदस्यों के साथ तिरछा होकर भूमध्यसागर पार कर तीन बार बेरूत से अल्जीरिया जाने और वापस आने तथा बेरूत में लैंड करने के लिए विवश किया गया। बेरूत में पहली लैंडिंग के दौरान अपहरणकर्ताओं ने अमेरिकी नेवी डाइवर रॉबर्ट स्टेथेम की बहुत बुरी तरह पिटाई की और उसके बाद गोली मार दिया।
14 नवंबर 1985 को इज-अल-दीन को विमान अपहरण की योजना बनाने और इसमें शामिल होने के लिए दोषी ठहराया गया। 12 अक्टूबर 2001 को यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने इज-अल-दीन को संशोधित कार्यकारी आदेश 13224 के के अंतर्गत विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया। इसके कारण अन्य परिणामों के साथ-साथ इज-अल-दीन की यूएस के न्यायाधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी संपत्तियाँ और संपत्तियों पर ब्याज को अवरुद्ध कर दिया गया और अमरिका के लोगों को इज-अल-दीन से किसी प्रकार का लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए गए हिजबल्लाह को जान-बूझकर सामग्री सहायता या संसाधन प्रदान करना या प्रयास करना या इसकी साजिश करना अपराध है। इज-अल-दीन एफबीआई की मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में भी शामिल है। माना जाता है कि वह लेबनान में है।
