रिवॉल्यूशनरी पीपल्स लिबरेशन पार्टी/फ्रंट (डीएचकेपी/सी) का गठन 1978 में हुआ। डीएचकेपी/सी मार्क्सवादी-लेनिनवादी विचारों की वकालत करता है और संयुक्त राज्य अमेरिका, नाटो तथा तुर्की का विरोध करता है। इस समूह ने 1990 से अमेरिकी हितों को निशाना बनाया है, जिसमें अमेरिकी सैन्य अधिकारी और राजनयिक तथा उनके प्रतिष्ठान, नाटो के अधिकारी और प्रतिष्ठान तथा तुर्की ठिकाने शामिल हैं। फरवरी 2013 में डीएचकेपी/सी के लोगों ने अंकारा में अमेरिकी दूतावास पर आत्मघाती विस्फोट किया और एक तुर्की पत्रकार इसमें गंभीर रूप से घायल हो गया। मार्च 2013 में समूह के तीन सदस्यों ने तुर्की के न्याय मंत्रालय और टर्किश जस्टिस एंड डेवलपमेंट नाम के राजनीतिक दल के अंकारा मुख्यालय पर ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चर से हमला किया।
8 अक्टूबर 1997 को अमेरिकी राज्य विभाग ने डीएचकेपी/सी को संशोधित प्रवास और राष्ट्रीयता अधिनियम के अनुच्छेद 219 के तहत विदेशी आतंकवादी संगठन करार दिया। 31 अक्टूबर 2001 को राज्य विभाग ने डीएचकेपी/सी को संशोधित कार्यकारी आदेश 13224 के अनुसार विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी संगठन करार दिया। इसके परिणामस्वरूप, डीएचकेपी/सी की सारी संपत्ति और संपत्ति सें संबंधित हितों जो अमेरिकी न्यायाधिकार में आते हैं उन्हें अवरोधित कर दिया गया है, और अमेरिकी लोगों को सामान्य रूप से डीएचकेपी/सी के साथ किसी भी प्रकार के लेन—देन में शामिल होने से निषिद्ध किया गया है । इसके अलावा, डीएचकेपी/सी को जानबूझकर सामग्री सहायता या संसाधन प्रदान करना, या प्रदान करने का प्रयास करना या साजिश करना एक अपराध है।
