मोरो नेशनल लिबरेशन फ्रंट (एमएनएलएफ)

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मोरो नेशनल लिबरेशन फ्रंट (एमएनएलएफ) का गठन फिलीपींस में 1972 में हुआ था। इसने मुस्लिम स्वतंत्रता आंदोलन के उपद्रवी समूह के रूप में शुरुआत की थी। एमएनएलएफ 1970 के दशक से लगभग दो दशक तक मोरो विभाजनकारी ताकतों के बीच अग्रणी था। 1990 के दशक के पूर्वार्ध में कई एमएनएलएफ सदस्य इससे टूटकर अलग हुए और अबु सैय्यफ ग्रुप (एएसजी) का गठन किया, जो फिलीपींस का सबसे हिंसक आतंकवादी समूह है।

1996 में एमएनएलएफ ने फिलीपींस सरकार के साथ स्पेशल जोन ऑफ पीस एंड डेवलपमेंट (एसजेडओपीएडी) के निर्माण के लिए एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया, जो इस दिशा में एक मील का पत्थर था। एमएनएलएफ के चेयरमैन नूर मिसौरी को मुस्लिम मिंदानाओ स्वायत्त क्षेत्र (एआरएमएम) का राज्यपाल नामित किया गया। एआरएमएम में दो मुख्य प्रांत आते हैं, जिसमें मुख्यतः मुस्लिम आबादी निवास करती है और उसे एक हद तक स्व-शासन की अनुमति दी गई है। मिंदानाओ में अभी भी कभी-कभार चरमपंथी विद्रोहियों और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ होती रहती है और इस क्षेत्र के बहुत से निवासियों से कार्य-योग्य बुनियादी ढाँचे के निर्माण का आह्वान किया गया है, ताकि सार्थक स्वायत्तता और मुस्लिम मिंदानाओ का विकास किया जा सके।

29 सितंबर 2009 को फिलीपींस के जोलो आईलैंड पर एमएनएलएफ ने विस्फोटक डिवाइस लगाकर सैन्य वाहनों के एक दल को उड़ा दिया। विस्फोट में दो अमेरिकी सैनिक और आर्म्ड फोर्सेज ऑफ फिलीस्तीन (एएफपी) का एक जवान मारा गया, जो इस क्षेत्र में स्कूल बनाने के मानवीय लक्ष्य का हिस्सा थे।

वर्ष 2013 में, एमएनएलएफ के कट्टरपंथी तत्वों ने जम्बोआंगा शहर पर तीन सप्ताह तक हिंसक कब्जा बनाए रखा, जिसमें फिलीस्तीन सिक्योरिटी फोर्स के दर्जनों सदस्यों की मृत्यु हुई और हजारों को वह जगह छोड़नी पड़ी।

आज एमएनएलएफ में कई धड़े हैं, जिनमें से कुछ फिलीस्तीन सरकार और विभाजनकारी संगठन मोरो इस्लामिक लिबरेशन फ्रंट (एमआईएलएफ) के बीच शांति वार्ता का समर्थन करते हैं। इन वार्ताओं के कारण 2018 में बैंग्सामोरो ऑर्गेनिक लॉ (बीओएल) का पारित हो पाना और 2019 के बैंग्सामारो ऑटोनोमस रीजन ऑफ मुस्लिम मिंदानाओ (बीएआरएमएम) का बनना संभव हो पाया।

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