रिवार्ड्स फॉर जस्टिस ने अली सईद बिन अली एल-हूरी, जिसे अली सईद बिन अली अल-हौरी नाम से भी जानते हैं, की सूचना देने पर $5 मिलियन तक का ईनाम देने की पेशकशकर रहा है। एल-हूरी सऊदी हिजबल्लाह आतंकवादी संगठन का एक कथित सदस्य है, जिसकी तलाश 1996 में सऊदी अरब के निकट धारान में खोबर टावर पर विस्फोट मामले में उसकी भूमिका के लिए की जा रही है।
25 जून 1996 को सऊदी हिजबल्लाह के सदस्य ने प्लास्टिक विस्फोटक से भरे एक टैंकर ट्रक को यूएस सैन्य अधिकारियों के आवास परिसर के रूप में उपयोग में लाए जा रहे खोबर टावर के पार्किंग लॉट में लगाकर विस्फोट कर दिया था। विस्फोट से नजदीकी इमारत ध्वस्त हो गई, जिसमें 19 अमेरिकी सेवाकर्मी तथा एक सऊदी अरब के नागरिक की मृत्यु हुई और विभिन्न देशों के सैकड़ों लोग घायल हुए।
21 जून 2001 को यूएस फेडरल ग्रैंड जूरी ने एल-हूरी और 13 अन्य लोगों को हमले से संबंध के लिए तलब किया।
12 अक्टूबर 2001 को यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने एल-हूरी को संशोधित कार्यकारी आदेश 13224 के अनुसार विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी करार दिया। इसके कारण अन्य परिणामों के साथ-साथ, एल-हूरी कासिर की यूएस के न्यायाधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी संपत्तियाँ और संपत्तियों पर ब्याज को अवरुद्ध कर दिया गया और अमरिका के लोगों को एल-हूरी से किसी प्रकार का लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। वह एफबीआई के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में भी शामिल है।
