रिवार्ड्स फॉर जस्टिस अब्दुल रेजा शहलाई, जिसे युसुफ अबु अल-कर्ख तथा हाजी युसूफ शहलाई के नाम से भी जानते हैं, की वित्तीय गतिविधियों और सहयोगियों के संबंध में सूचना देने पर $15 मिलियन के ईनाम की घोषणा की है। हाजी युसूफ शहलाई ईरान के इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स-क्वॉड्स फोर्स (आईआरजीसी-क्यूएफ) का यमन के सना में रहने वाला उच्च-स्तरीय अधिकारी है। शहलाई दुनिया भर में अमेरिकियों तथा अमेरिका के मित्रों को निशाना बनाने का लंबा इतिहास रखता है।
शहलाई ने इराक में गठबंधन सेना के कई सैन्यकर्मियों की हत्याओं की योजना बनाई, शिया चरमपंथी समूहों को हथियार और विस्फोटक उपलब्ध कराए और इराक के कर्बला में 20 जनवरी 2007 के हमले की योजना बनाई, जिसमें पाँच अमेरिकी सैनिक मारे गए तथा तीन अन्य घायल हुए थे।
फाइनेंसर और वरिष्ठ आईआरजीसी अधिकारी होने के नाते 2011 में शहलाई ने वाशिंगटन डीसी, अमेरिका में सऊदी के राजदूत की हत्या के लिए पैसा एवं दिशानिर्देश दिया था। शहलाई ने अमेरिका में तथा दूसरी जगहों पर अनुगामी हमलों की भी योजना बनाई थी। अगर यह योजना सफल हो जाती तो अमेरिका में 200 निर्दोष नागरिक मारे जा सकते थे।
11 अक्टूबर 2011 को यूएस डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी ने शहलाई को संशोधित कार्यकारी आदेश 13224 के अनुसार विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी करार दिया। इसके पहले, 2008 में, डिपार्टमेंट ऑफ द ट्रेजरी ने शहलाई को कार्यकारी आदेश 13438 के तहत इराक की शांति तथा स्थिरता एवं इराकी सरकार के लिए खतरा करार दिया था। इन कार्रवाइयों की वजह से अन्य परिणामों के साथ-साथ, शहलाई की यूएस के न्यायाधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी संपत्तियाँ और संपत्तियों पर ब्याज को अवरुद्ध कर दिया गया और अमरिका के लोगों को शहलाई से किसी प्रकार का लेनदेन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राज्य द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन नामित किए गए आईआरजीसी को जानते बूझते हुए सामग्री सहयोग या संसाधन प्रदान करना या प्रदान करने का प्रयास या साजिश करना अपराध है। 2018 में उसे बहरीन, यूरोपियन यूनियन, सऊदी अरब तथा यूनाइटेड किंगडम ने भी वैश्विक आतंकवादी करार दिया है।
